शूटिंग के दौरान दहशत में गुजरती थी रातें : मनोज वर्मा

छत्तीसगढ़ की पहली राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म भूलन- द मेज के निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा से cgfilm.in की विशेष चर्चा

CGFilm.in (एकान्त चौहान)। भूलन- द मेज फिल्म की शूटिंग गरियाबंद जिले के महुआभाठा के जंगलों में हुई है। फिल्म शूटिंग के दौरान पूरी यूनिट की रातें दहशत में गुजरती थी। सोने के लिए गांव में जगह तक नहीं मिली थी। इसलिए जंगल में रात गुजारनी पड़ती थी। वहां का आलम यह था कि जहां सोते थे रात को तो कभी सांप तो कभी तेंदुआ आ जाता था। दिक्कतें यहीं खत्म नहीं हुई। शूटिंग के समय एक कैमरामेन को हार्ट अटैक आ गया था। वहीं लौटते वक्त मैं एक दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसमें मेरा एक हाथ फैक्चर हो गया। फिल्म शूट करने में 34 दिन लगे।


उक्त बातें छत्तीसगढ़ की पहली राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म भूलन-द मेज के निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने CGFilm.in से विशेष चर्चा में कही। इसके साथ ही मनोज वर्मा ने अपनी फिल्म को लेकर बहुत सी बातें शेयर की। उन्होंने बताया कि 27 मई से भूलन- द मेज प्रदर्शित होगी। फिलहाल यह फिल्म मल्टीप्लेक्स में रिलीज की जा रही है। उसके बाद इसे शीघ्र ही थियेटरों में भी प्रदर्शित किया जाएगा।

देशभर के कई शहरों में होगी रिलीज:

फिल्म के निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने बताया कि यह फिल्म छत्तीसगढ़ के साथ ही देश के कई शहरों में प्रदर्शित की जाएगी। उनका कहना है कि ये फिल्म जम्मू कश्मीर, भोपाल, नागपुर जैसे कई और शहरों में प्रदर्शित की जाएगी।

संजीव बख्शी के उपन्यास भूलन कांदा पर बनी फिल्म:


डायरेक्टर मनोज वर्मा ने कहा कि ये फिल्म संजीव बख्शी के उपन्यास भूलन कांदा पर बनी है। इस फिल्म बनाने में मेहनत बहुत लगी और सभी कलाकारों ने जमकर मेहनत की।

भूलन-कांदा, जिसे पार करते ही लोग रास्ता भटक जाते हैं


मनोज वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भूलन-कांदा के बारे में कहा जाता है कि इसे पार करते ही लोग रास्ते भटक जाते हैं। इसी रास्ते की भूल-भूलैय्या और न्याय व्यवस्था पर भूलन द मेज बनायी गयी है।

लीड रोल में ओंकारदास मानिकपुरी

पीपली लाइव जैसी फिल्मों में वक्ता के किरदार में नजर आ चुके छत्तीसगढिय़ा कलाकार ओंकारदास मानिकपुरी ने इस फिल्म में लीड रोल निभाया है। इसके अलावा में फिल्म में ओंकार दास मानिकपुरी, राजेंद्र मिश्रा, मुकेश तिवारी, अशोक मिश्रा, पुष्पेंद्र सिंह, संजय महानंद, अनुराधा दुबे और अनिमा पगारे हैं।

गौरतलब है कि 22 मार्च 2021 को तत्कालीन सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पुरस्कारों की घोषणा की थी। इसमें ‘भूलन द मेज को शामिल किया था। यह फिल्म इससे पहले कोलकाता, दिल्ली, ओरछा, आजमगढ़, रायपुर, रायगढ़, एवं अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल इटली एवं कैलिफोर्निया भी पुरस्कार हासिल कर चुकी है।

टीप:- 

जैसा कि आप सब जानते हैं Cgfilm.in लगातार छत्तीसगढ़ी फिल्मों, वीडियो सांग, एलबम, शार्ट फिल्में और कलाकारों, लोक कलाकारों और उन सभी कलाकारों, जो शूटिंग के दौरान महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते हैं, इन सबकी खबर आप तक पहुंचाता है। Cgfilm.in में हमने छत्तीसगढ़ के सभी नामी कलाकारों के साथ ही कला जगत से जुड़े अधिकांश कलाकारों की प्रोफाइल भी बनाई है। इसके अलावा कलाकारों, फिल्मों की शूटिंग और वीडियो सांग की खबरें लगातार हर दिन आप तक Cgfilm.in पहुंचाते आ रहा है।

कोशिश :

इसके साथ ही Cgfilm.in की कोशिश रहती है कि वो छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माताओं और कलाकारों के साथ सीधी बातचीत कर शूटिंग के दौरान उनके अनुभवों और रूझान को भी सामने लाए, ताकि इंडस्ट्री में आने वाले नए कलाकारों को उनसे कुछ सीखने का मौका मिले और वे उनसे प्रेरित होकर एक बेहतरीन कलाकार बन सकें। Cgfilm.in से आप भी जुड़ सकते हैं, तो देर किस बात की… Cgfilm.in

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