छत्तीसगढ़ के एक गुमनाम कलाकार की कहानी…

3 हजार से भी अधिक छत्तीसगढ़ी कार्यक्रमों का मंच साझा कर चुके गायक की दास्तां… चलाते हैं छोटी सी पंचर की दुकान

CGFilm – छत्तीसगढ़ राज्य बनने के साथ ही हर क्षेत्र में लगातार विकास हुआ है। इस बीच छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर भी काफी अच्छा रहा है। नित निए आ रहे छत्तीसगढ़ी फिल्मों को दर्शकों ने काफी पसंद किया और कई फिल्मों ने तो कीर्तिमान भी बनाए हैं। लेकिन इस बीच त्रासदी छोटे-छोटे ऐसे कलाकारों की है, जिन्हें किसी प्रकार की सहायता या सहयोग नहीं मिल पाने के कारण वे अपनी जीविका चलाने छोटे-छोटे काम कर रहे हैं। वैसे काम कोई छोटा या बड़ा नहीं होता, ये तो सभी मानते हैं। लेकिन एक छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार जो लगभग 3 हजार से ज्यादा मंच साझा कर चुका हो, और कई फिल्मों में गायन और गीतों की रचना कर चुका हो, ऐसा कलाकार आज रोजी-रोटी के लिए पंचर की दुकान चला रहे हो, तो सोचना तो पड़ेगा ही।
हम बात कर रहे शंकरनगर गांधीनगर के रहने वाले छत्तीसगढ़ी कलाकार महादेव बघेल की। जी हां, ये वही महादेव बघेल हैं, जिन्होंने देवता फिल्म में दो गानों को अपनी आवाज दी है। इसके अलावा उन्होंने 3 हजार से ज्यादा छत्तीसगढ़ी कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति दी है। Cgfilm.in ने जब उनसे जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि वे अब तक कई छत्तीसगढ़ी कार्यक्रमों की प्रस्तुति रंगमंच या अन्य प्रस्तुतियों में दे चुके हैं। और अपनी जीविका और रोजी-रोटी के लिए एक छोटी सी पंचर की दुकान चलाते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी गानों को Cgfilm.in को भी सुनाया। आप भी सुनिए…

छत्तीसगढ़ के एक गुमनाम कलाकार की कहानी

मयारू सजना में काम दिलाएंगे : किशोर मंडल
महादेव बघेल के साथ ही मौजूद एक और फिल्म कलाकार किशोर मंडल ने Cgfilm.in से चर्चा में बताया कि वे जल्द ही महादेव बघेल को आने वाली फिल्म मयारू सजना में काम दिलाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद बहुत सी छत्तीसगढ़ी फिल्मों का प्रदर्शन सिनेमाघरों में होगा। इसमें मुख्य रूप से सेल्फी बेबो, सनम तोर कसम और रोमियो राजा शामिल हैं।