साथी रे

फिल्म समीक्षा : साथी रे…

CGFilm.in (एकान्त)। हर तरह के सब्जेक्ट पर फिल्म बनाने की चाहत रखने वाले निर्देशक अनुपम भार्गव की साथी रे…आज रिलीज हुई।  इससे पहले अनुपम ने ‘तीन ठन भोकवा, ‘टिकट टू छॉलीवुड, ‘द सेनीटाइजर आदि फिल्में बनाई है। इन फिल्मों की कहानी भी कुछ अलग ही थी। और आज रिलीज हुई साथी रे…की कहानी भी दमदार है। फिल्म में एक्शन, रोमांस के साथ ही एक नई कहानी दर्शकों को देखने को मिली। वैसे तो मन और मुस्कान की जोड़ी को दर्शक लगातार पसंद करते आ रहे हैं और तीन साल बाद जब इनकी जोड़ी की फिल्म फिर थियेटर तक पहुंची तो दर्शक का रिस्पांस जरूर बेहतर होगा, ऐसी उम्मीद है।
इसके साथ ही

फिल्म में दर्शकों ने अजय पटेल यानी बल्लू की दमदार खलनायकी की तारीफ है। अजय पटेल ने अपने कैरियर की शुरूआत ससुराल फिल्म से की थी। इसके साथ ही वे तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले पिछले साल रिलीज हुई फिल्म प्रेमयुद्ध और इसी साल रिलीज हुई फिल्म कुरूक्षेत्र में अपनी दमदार एक्टिंग से एक अलग ही पहचान बनाई है। और आज रिलीज हुई फिल्म साथी रे…में अपने एक्टिंग से एक बार दर्शकों पर छाप छोडऩे में कामयाब रहे।

कहानी
फिल्म की कहानी एक बहुत ही साधारण परिवेश की है। जहां राधे (मन कुरैशी) पेपर बांटकर अपने परिवार का खर्च चलाता है तो वहीं मनीषा (मुस्कान साहू) घर में काम करती है। एक संयोग से दोनों की मुलाकात नोक-झोक से होती है और धीरे-धीरे प्यार परवान चढ़ता है। मध्यान्तर तक फिल्म की धीमी रफ्तार जरूर दर्शकों को खली, पर मध्यान्तर के बाद ट्रैक पर दौड़ती फिल्म ने रोमांच बनाए रखा। अच्छा काम और अच्छा पैसा के लालच में बैसाखू (मनीषा का पिता-पुष्पेन्द्र सिंह) अपनी बेटी को शहर से कहीं और दूर भेज देता है। बस फिर राधे, मनीषा की तलाश में निकल पड़ता है। आखिर राधे की तलाश कैसे पूरी होती है, ये देखने आपको नजदीकी सिनेमाघर में जाना होगा।

गीत-संगीत
फिल्म में गीत-संगीत दोनों ही मधुर हैं। सुनील सोनी वैसे भी छॉलीवुड के जाने-माने संगीतकार हैं, तो उनका ही संगीत इस फिल्म में है। और गाने को आवाज भी सुनील सोनी ने दी है। उनका साथ दिया है चंपा निषाद ने।

क्या देखेंं
यदि आप छत्तीसगढ़ी फिल्मों के शौकीन हैं, तो ये फिल्म जरूर देखें। खासकर, मन और मुस्कान की जोड़ी आपको एक बार फिर पसंद आएगी। इसके साथ ही दमदार खलनायक के रूप में तेजी से उभर रहे अजय पटेल अपने एक्टिंग की छाप छोडऩे में एक बार फिर कामयाब रहे।

क्या कहते हैं डायरेक्टरफिल्म के निर्देशक अनुपम भार्गव का कहना है कि ‘साथी रेÓ मेरी अब तक की फि़ल्मों से एकदम अलग हटकर है। छत्तीसगढ़ से जुड़े गंभीर मुद्दे को हमने अपनी इस फि़ल्म में उठाया है कि किस तरह से गांव के बहुत से परिवार कमाने खाने के लिए बाहर जाते हैं और साजिशों का शिकार हो जाते हैं। मेरी हमेशा से कोशिश रही है कि अलग तरह के सब्जेक्ट पर फिल्म बनाऊं। फिल्म के निर्देशक अनुपम भार्गव के अनुसार- मन कुरैशी और मुस्कान साहू की सदाबहार जोड़ी बहुत ही अलग अंदाज़ में देखने को मिलेगी। यह आज की जनरेशन को ध्यान में रखकर बनाई गई फिल्म है। हाई लेवल का एक्शन सस्पेंस रोमांस और सिचुएशन के हिसाब से गाने यह सब कुछ इस फिल्म में देखने को मिलेगा।

क्या कहते हैं दर्शक
फिल्म देखकर निकल रहे दर्शकों ने सीजीफिल्म.इन से चर्चा की तो सभी ने फिल्म को अच्छा माना है। किसकी एक्टिंग अच्छी लगी, इस पर सभी ने मन-मुस्कान की जोड़ी को सुपरहिट कहा। वहीं कुछ ने अजय पटेल के एक्टिंग की तारीफ की।