पद्मविभूषण तीजन बाई पर बनी डाक्यूमेंट्री…बॉयोपिक की तैयारी भी

CGFilm.in । पंडवानी को देश विदेश में ख्याति दिलाने वाली और पद्मविभूषण से सम्मानित तीजन बाई पर दूरदर्शन ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई है। 45 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री पंडवानी की रानी, तीजन की कहानी को हाल ही में दूरदर्शन पर प्रसारित भी किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ के कलाकार भी शामिल हैं। तीजन बाई के बचपन का रोल यास्मीन खान ने किया है। मां की भूमिका संगीता निषाद और नाना के किरदार में डॉ. अजय सहाय हैं। वहीं बॉलीवुड में भी तीजन बाई पर एक बॉयोपिक की तैयारी चल रही है। इस बॉयोपिक का एग्रीमेंट भी फरवरी 2019 में हो चुका है।

आपको बता दें कि तीजनबाई भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के पंडवानी लोक गीत-नाट्य की पहली महिला कलाकार हैं। देश-विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन करने वाली तीजनबाई को बिलासपुर विश्वविद्यालय द्वारा डी लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। वे सन 1988 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री और 2003 में कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से अलंकृत की गयीं। उन्हें 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार तथा 2007 में नृत्य शिरोमणि से भी सम्मानित किया जा चुका है।

भिलाई के गाँव गनियारी में जन्मी इस कलाकार के पिता का नाम हुनुकलाल परधा और माता का नाम सुखवती था। नन्हीं तीजन अपने नाना ब्रजलाल को महाभारत की कहानियाँ गाते सुनाते देखतीं और धीरे धीरे उन्हें ये कहानियाँ याद होने लगीं। उनकी अद्भुत लगन और प्रतिभा को देखकर उमेद सिंह देशमुख ने उन्हें अनौपचारिक प्रशिक्षण भी दिया। 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपना पहला मंच प्रदर्शन किया। तीजनबाई वे पहली महिला थीं जो जिन्होंने कापालिक शैली में पंडवानी का प्रदर्शन किया। एक दिन ऐसा भी आया जब प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उन्हें सुना और तबसे तीजनबाई का जीवन बदल गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी से लेकर अनेक अतिविशिष्ट लोगों के सामने देश-विदेश में उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया |पद्मविभूषण तीजन बाई।