कैरेक्टर में खो जाना ही एक्टर की असली पहचान : गायत्री सिंह

छॉलीवुड को मिलने वाला है बहुत जल्द एक और नया चेहरा

Gayatri Singh Rathour

एकान्त चौहान (CGFilm.in)। बहुत जल्द छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री को बतौर अभिनेत्री एक और चेहरा मिलने वाला है। जी हां, ये होंगी गायत्री सिंह राठौर। मूलत: पेंड्रा की रहने वाली गायत्री सिंह, पहली बार कैमरे का सामना करने जा रही हैं, ऐसा नहीं हैं। गायत्री ने बहुत ही कम समय में 7 से 8 एलबम और शार्ट मूवी की है। लेकिन अब वे बतौर अभिनेत्री एक छत्तीसगढ़ी फिल्म में आने वाली हैं। फिल्म के नाम की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है, लेकिन आने वाले कुछ ही महीने में इसकी विधिवत घोषणा के साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि शूटिंग भी शुरू हो जाएगी। आपको एक बात और बता दें कि गायत्री सिंह ने सन 2020 में मिस बेस्ट स्माइल छत्तीसगढ़ का अवार्ड भी जीता है। डांसिंग, योगा और सिंगिंग में रुचि रखने वाली गायत्री सिंह ने अपने फिल्मी कैरियर को लेकर CGFIlm.in से दूरभाष पर चर्चा की। प्रस्तुत है बातचीत के कुछ अंश:-

एकान्त चौहान : गायत्री सिंह जी सबसे पहले तो ये बताइए कि आपका रुझान फिल्म लाइन में कब से है?
गायत्री सिंह : सच कहूं तो मुझे बचपन से ही एक्टिंग का शौक रहा है। और धीरे-धीरे फिर फिल्मी लाइन में आने का ही मन बना लिया है। मेरी इच्छा है कि मैं बतौर अभिनेत्री हर प्रकार के रोल करूं।

एकान्त चौहान : अपने फिल्मी सफर के बारे में बताइए?
गायत्री सिंह : देखिए, अभी मेरी जल्द ही एक छत्तीसगढ़ी फिल्म आने वाली है। इसके नाम की घोषणा फिलहाल नहीं की गई है, लेकिन जल्द ही आपको पता चल जाएगा। वैसे आपको बता दूं कि अभी तक मैंने 7 से 8 एलबम किए हैं। एक-दो शार्ट मूवी में भी काम किया। इसके अलावा एक भक्ति पर आधारित गाना कोयलिया बोली रे…में भी मैंने अभिनय किया है? आपको बता दंू कि कोयलिया बोली रे…गाने में एक साथ 4 अलग-अलग किरदारों को जीवंत किया है। जिसे लोगों की काफी सराहना भी मिली।

एकान्त चौहान : फिल्म में कैरेक्टर को लेकर आपका क्या कहना है?
गायत्री सिंह : मेरा मानना है कि कैरेक्टर में खो जाना ही एक्टर की असली पहचान होती है। आप जब भी कोई भी रोल प्ले करते हैं, तो ये मायने नहीं रखता है कि वो रोल कैसा है? बल्कि ये मायने रखता है कि आपने उस कैरेक्टर को कितना फीसदी दिया है। मैंने यह देखा और महसूस किया है कि लोग ये कहते हैं कि आपने यदि शुरूआत छोटी से रोल से की है तो आप वहीं तक सीमित रह जाएंगे। पर मैं ऐसा बिल्कुल नहीं मानती। मेरे ख्याल से रोल चाहे जैसा भी हो, कैरेक्टर को परदे पर जीवंत करना ही एक्टर का असली काम है।

एकान्त चौहान : आप किस तरह का रोल पसंद करेंगी?
गायत्री सिंह : देखिए, मैंने तो अभी-अभी शुरूआत की है। लेकिन मैं हर तरह के रोल करना चाहूंगी। खासकर, चैलेंजिंग रोल मुझे काफी पसंद हैं। फिल्म काली में आयटम सांग किया है। लेकिन बहुत जल्द मैं एक छत्तीसगढ़ी फिल्म में लीड रोल में आने वाली हूं।

एकान्त चौहान : छत्तीसगढ़ी फिल्मों का भविष्य, आपकी नजर में?
गायत्री सिंह : मेरी नजर में छत्तीसगढ़ी फिल्मों का भविष्य काफी उज्जवल है। राज्य गठन के साथ ही शुरू हुआ छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर अब बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब छत्तीसगढ़ी में भी हर प्रकार की फिल्में बन रही हैं, जिसे दर्शक भी पसंद कर रहे हैं?

एकान्त चौहान : आपको भी लगता है कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों को दर्शक नहीं मिलते?
गायत्री सिंह : नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं हैं। लेकिन दर्शक भी लगातार एक भी प्रकार की फिल्में देख-देखकर बोरियत सी महसूस करने लगते हैं। इसलिए जब से छत्तीसगढ़ में भी हर प्रकार की कहानी और दर्शकों की पसंद की फिल्में बननी शुरू हुई, टॉकीजों में हाउसफुल देखने को मिल रहा है। ये अच्छी बात है। नई-नई चीजें लाएंगे तो दर्शक भी मिलेंगे, ऐसा मेरा मानना है? आपको बता दें कि जब मैं खुद 9वीं कक्षा में थी, तो लोगों का रुझान छत्तीसगढ़ी गाने और वीडियो की तरफ बहुत ही कम देखने को मिलता था, लेकिन मेेरे 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते लोगों की ये सोच बदली और आज छत्तीसगढ़ी गानों और एलबम को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है। यू-ट्यूब पर तो कई गानों ने धूम मचाई और ये सफर निरंतर जारी है।

एकान्त चौहान : छत्तीसगढ़ी फिल्मों ने नवोदित कलाकारों के लिए आप कुछ कहना चाहेंगी?
गायत्री सिंह : मैं तो सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगी कि अगर आप साफ और नेकदिल हैं तो सफलता निश्चित आपके हिस्से में आएगी। ये कभी मत देखिए, आपको कितना और क्या रोल मिला है। आप ये देखिए कि आपको जो रोल मिला है, उसमें पर आप कितना फीसदी दे पा रही हैं। क्योंकि कलाकार तो कलाकार होता है और कलाकार के लिए उसका किरदार ही परदे पर जीवंत दिखना चाहिए। सफलता निश्चित मिलेगी।

एकान्त चौहान : आपका बहुत-बहुत धन्यवाद…
गायत्री सिंह : आपका भी बहुत-बहुत धन्यवाद…