शुद्ध मनोरंजक एवं पारिवारिक फिल्म है चल हट कोनो देख लिही : रजनीश झांजी

CGFilm.in | चल हट कोनो देख लिही फिल्म में मंत्री की भूमिका अदा करने वाले लिजेंड अभिनेता रजनीश झांजी ने बताया कि छॉलीवुड के भीष्मपितामह एवं छालीवुड के संस्थापक निर्देशक सतीश जैन हमेशा से मनोरंजन के साथ ही पारिवारिक फिल्म बनाते रहे है। उनके द्वारा बनाई गई यह फिल्म भी उनके अन्य फिल्मों की ही तरह एकदम साफ-सुथरी, शुद्ध मनोरंजक एवं पारिवारिक के साथ ही संदेशप्रद फिल्म है। इसमें आज कल जो लोगों की जुबान पर वर्तमान में चल रहे राजनीतिक चर्चाओं को भी ध्यान में रखकर राजनीतिक मसाला भी खूब है जो दर्शकों को भारी पंसद आयेगा। इसके अलावा यह फिल्म नारी सशक्तिकरण पर भी आधारित है, जिसमें नारी की शक्ति और उनके अधिकार को बखूबी फिल्माया गया है। इसमें एक सीन है जिसमें गांव की महिला का पुलिस इंस्पेक्टर थाने ले जाकर हाथ पकड़ लेता है जिसमें महिला हाथ छुडाकर साफ कहती है कि आप मेरा हाथ नही पकड़ सकते  यदि हाथ पकड सकती है तो महिला पुलिस ही पकड़ सकती है। एक प्रश्र का जवाब देते हुए रजनीश झांजी ने कहा कि छत्तीसगढ में छॉलीवुड को उठाने के लिए सरकार ने प्रयास अच्छा किया है, पर कुछ इसमें विसंगतिया है। उक्त बातें भिलाई में पत्रकारों से चर्चा करते हुए अभिनेता रजनीश झांजी ने कही।

उन्होंने कहा- स्टूडियो निर्माण से पहले राज्य सरकार को तहसील और कस्बा में टॉकीज खोलना चाहिए, इससे जहां कस्वाई लोगों को भी रोजगार मिलेगा वही छत्तीसगढी फिल्में भी चलेगी तो निर्माता और आगे आएंगे। इससे यहां के कलाकारों से लेकर टेक्निशयन सभी को आर्थिक फायदा  होगा। वही श्री झांजी ने एक और प्रश्र का उत्तर देते हुए कहा कि राज्य सरकार को फिल्म से संबंधित ट्रेनिंग इंस्टीटयूट भी खोलना चाहिए ताकि प्रशिक्षित होकर लोग आयेगें तो और बेहतर कार्य होगा। आज यहां के कई ग्रामीण अपना जमीन एक करोड में बेचकर 50 लाख रूपये में फिल्म बना रहे है, और फिल्म फ्लाप होने पर कहीं के नहीं रह रहे हैं, उनको भी टे्रनिंग और इससे संबंधित पूरी जानकारी दी जाने चाहिए कि कहां और कैसी फिल्म बनाने के लिए पैसा खर्च किया जाये और उसकी मार्केटिंग किस प्रकार हो ताकि फिल्म हिट हो और उनका लागत निकलने के साथ ही लाभ भी हो।