दर्द में भी लोगों को हंसाना बड़ा कठिन काम : मनीषा वर्मा


एकान्त चौहान (CGFilm.in)। ससुराल फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन के अवार्ड से सम्मानित मनीषा वर्मा का कहना है कि आज के समय में लोगों को हंसाना बड़ा ही कठिन काम है। और यदि इस किरदार के लिए मुझे अवार्ड मिला तो मेरे लिए सच में यह एक बड़ा सम्मान है। मनीषा का कहना है कि दर्शकों को हंसाने के लिए खुद को भूलना पड़ता है और अपने किरदार में पूरी तरह रम जाना होता है। कई बार तो ऐसा होता है, जब आप शूटिंग के दौरान चोटिल भी हो जाएं तो आपको दर्द में भी हंसाना होता है। यह वाकई एक बड़ा कठिन काम है।

बहरहाल, आपको बता दें कि मनीषा वर्मा को अब तक लगभग दो दर्जन से ज्यादा फिल्मों में काम करने का अच्छा-खासा अनुभव है। उनकी एक और फिल्म 12 फरवरी को रिलीज होने वाली है- एक और लव स्टोरी। इस फिल्म को लेकर cgfilm.in ने उनसे चर्चा की- प्रस्तुत हैं चर्चा के कुछ अंश-

एकान्त चौहान : आपकी आने वाली फिल्म एक और लव स्टोरी के बारे में बताइए?
मनीषा वर्मा : जैसा कि आप सब जानते हैं एक और लव स्टोरी फिल्म 12 फरवरी को रिलीज होने वाली है। यह फिल्म शुद्ध पारिवारिक फिल्म है, जो दर्शकों को जरूर पसंद आएगी।
एकान्त चौहान : फिल्म में आपका किरदार?
मनीषा वर्मा : इस फिल्म में मैं एक बार फिर कॉमेडी करते दिखाई देने वाली हूं। मेरे साथ कॉमेडी के रोल में हेमलाल कौशल और पुष्पेन्द्र सिंह जी भी हैं। एक और लव स्टोरी हास्य और मनोरंजन से भरपूर फिल्म है।
एकान्त चौहान : अब तक के आपके फिल्मी सफर के बारे में कुछ बताइए?
मनीषा वर्मा : देखिए, मैंने प्रेम के बंधना से छॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद एक के बाद एक मेरी अब तक 20 से ज्यादा फिल्मों आ चुकी हैं। मैंने छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ भोजपुरी, हिन्दी और उड़ीया फिल्मों में भी काम किया है। इसके मैंने अलावा कई शार्ट मूवी, वीडियो सांग, एलबम भी किया है।
एकान्त चौहान : आपको ऐसा नहीं लगता कि आज के दौर में लोगों को हंसाना बड़ा कठिन काम है?
मनीषा वर्मा : बिल्कुल सही कहा आपने। आज के दौर में लोगों को हंसाना बड़ा कठिन काम है। इसलिए अपने किरदार में हमें जान फंूकनी होती है। अपने आपको भूलाकर ही हम दर्शकों को हंसा पाते हैं। जैसे मैंने पहले भी कहा कि कई बार शूटिंग के दौरान चोटिल हो जाने पर भी हमें अपने किरदार में उस दर्द को भूलना होता है, यह बड़ा कठिन है।
एकान्त चौहान : सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन का अवार्ड मिलने पर आप कैसे महसूस करती हैं?
मनीषा वर्मा : मुझे बहुत खुशी हुई कि मुझे फिल्म ससुराल के लिए बेस्ट कॉमेडियन का अवार्ड मिला। इसके लिए मैंने अपने दर्शकों का आभार व्यक्त करती हूं। साथ ही फिल्म ससुराल की पूरी टीम को भी धन्यवाद देती हूं। और इतना ही कहना चाहूंगी कि हंसना और हंसाना दोनों ही कठिन काम है। और यदि मैं अपने इस किरदार से लोगों का दिल जीत पाई तो यह वाकई मेरे लिए गौरव की बात है।


एकान्त चौहान : छत्तीसगढ़ी फिल्मों का भविष्य?
मनीषा वर्मा : छत्तीसगढ़ी फिल्मों का भविष्य काफी उज्जवल है। शुरूआत में कुछ ऐसा लग रहा था कि दर्शकों को रुझान नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे जब फिल्म दर्शकों तक ज्यादा से ज्यादा पहुंचने लगे, तो दर्शकों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। छत्तीसगढ़ी फिल्मों में युवा वर्ग लगातार सामने आ रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए एक अच्छा संकेत है। मैं तो इतनी ही कहना चाहूंगी कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों का भविष्य पहले भी उज्जवल था और आने वाले समय में भी काफी उज्जवल रहेगा।
एकान्त चौहान : अक्सर ये सुनने में आता है कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों को दर्शक नहीं मिलते, इस बारे में आप क्या कहना चाहेंगी?
मनीषा वर्मा : देखिए, मैं ऐसा बिल्कुल नहीं मानती। छत्तीसगढ़ी फिल्मों के दर्शक पहले भी काफी थे और आज भी काफी हैं। इसके अलावा जब से छत्तीसगढ़ी फिल्मों में लगातार दर्शकों की डिमांड का खास ध्यान रखा जाने लगा है तब से दर्शकों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। मैं तो इतना कहना चाहूंगी कि फिल्में ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचे। अभी छत्तीसगढ़ में थियेटरों की कमी के चलते भी फिल्में दर्शकों तक नहीं पहुंच पाती। यदि इन कमियों को दूर कर दिया जाए तो छत्तीसगढ़ी फिल्मों को पर्याप्त दर्शक मिलेंगे।