छत्तीसगढ़ी की पहली बायोपिक फिल्म मंदराजी को एक वर्ष पूरे… सारवा ब्रदर्स फिल्म प्रोडक्शन ने जताया दर्शकों का आभार…

छत्तीसगढ़ी की पहली बायोपिक फिल्म मंदराजी को 26 जुलाई को एक वर्ष पूरे हो गए। इस अवसर पर सारवा ब्रदर्स फिल्म प्रोडक्शन ने छत्तीसगढ़ के सभी दर्शकों और फिल्म यूनिट के सदस्यों का आभार जताया है, साथ ही सभी को शुभकामनाएं भी दी है। सारवा ब्रदर्स फिल्म प्रोडक्शन एंड मां नर्मदा फिल्मस की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि 26 जुलाई 2020 आज से एक साल पहले छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत में एक नया प्रयास और एक नई सोच के साथ में छत्तीसगढ़ी फिल्मों में एक सार्थक सिनेमा मंदराजी जो छत्तीसगढ़ की पहली बायोपिक और टैक्स फ्री फिल्म का प्रदर्शन महज कुछ सिनेमा घर में प्रदर्शित किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ के बहुत से दर्शक अभी भी मंदराजी फिल्म को नहीं देख पाए हैं। आज भी बहुत सारे दर्शकों का कहना है कि मंदराजी फिल्म को जल्द से जल्द हम सभी दर्शक तक उपलब्ध कराए। मंदराजी फिल्म में छत्तीसगढ़ के कई नए और अनुभवी उमदे कलाकार और टेक्नीशियन को अपना हुनर और कला दिखाने का मौका मिला। किसी के लिए मंदराजी फिल्म मील का पत्थर साबित हुआ तो कई कलाकार और टेक्नीशियन के प्रोडक्शन्स टीम अभी भी असमंजस में फंसे हुए हैं।

सारवा ब्रदर्स फिल्म प्रोडक्शन एंड मां नर्मदा फिल्मस का मंदराजी फिल्म बनाना एक साहसिक कदम रहा है। हमारा सौभाग्य है कि मंदराजी फिल्म छत्तीसगढ़ की पहली बायोपिक और टैक्स फ्री बनी है। बायोपिक के लिए दाऊमंदराजी के जीवनी को पर्दे में हूबहू किरदार का निभाना भी करण खान के लिए भी काफी साहसिक कदम रहा है। साथ ही साथ दाऊ मंदराजी की पत्नी रामहिन का किरदार ज्योति पटेल के लिए चरित्र अभिनेत्री की पहचान बनी है। मंदराजी फिल्म में पाश्र्व आवाज़ छत्तीसगढ़ के जाने-माने सुखरित काका संजय बत्रा ने दिया है। मंदराजी फिल्म के निर्माण के लिए सबसे पहले निर्णय करना हमारे पापाजी मनसुख सारवा का संकल्प रहा है और छत्तीसगढ़ के संगीत के भीष्म पितामह खुमानलालसाव का सपना पूरा साकार होना है। मंदराजी फिल्म में जिन्होंने भी अपना तन-मन-धन से काम करके अपना बहुमूल्य समय और मेहनत दिया है, उन सभी भाइयों और बहनों का साथ ही साथ छत्तीसगढ़ प्रशासन और दर्शकों का दिल से आभार और ऐसे ही आप सभी का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहे, जिससे आगे भी आपको नए फिल्म के निर्माण में सहयोग मिलता रहे। मंदराजी फिल्म के निर्माता किशोर सारवा, नंदकिशोर साहू, निर्देशक विवेक सारवा, प्रेरणास्त्रोत खुमानलाल साव, छायांकन नागेश सारवा, रमाकांत सारवा का है।