छत्तीसगढ़ी फिल्मों का अच्छा स्कोप हेमलाल

CGfilm.in हाल ही में संपन्न राजिम मेला में दुर्ग से आए राग-अनुराग कला मंच के संचालक हेमलाल कौशिक ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 2019 में संस्था आरंभ किये जिसमें अब तक 76 से अधिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में दे चुके है। हास्य कलाकार के रूप में पहचान बना चुके है और अब तक छत्तीसगढ़ी, भोजपुरी और उडिय़ा में लगभग 100 से भी अधिक फिल्मों में काम कर चुके है। बॉलीवुड फिल्मों में प्रयास के जवाब में कहा कि छत्तीसगढ़ की भाषा, बोली, वेशभूषा से बेहद लगाव हैं, छत्तीसगढ़ में कला के बीज है। इसलिए छत्तीसगढ़ी कलाकार के रूप में कार्य करना ही अधिक पसंद है।उन्होंने बताया कि सुपरहिट फिल्म हस झन पगली फंस जबे मेरी सुपरहिट फिल्म है। आने वाली फिल्म बुलंद अमेज, इश्क में रिस्क, मिस्टर मंजनू, लव लेटर, चल हट कोई देख लेही। उम्मीद है कि इसे भी दर्शक खूब पसंद करेंगे।

हास्य कलाकार के रूप में झुकाव के बारे में बताते हुए कहा कि पहले मैं बहुत ही नटखट था, गांव से जुड़ा था मेला, मड़ई और गांव के छ_ी, विवाह कार्यक्रमों में लोगों को हँसाया करता था यह धीरे-धीरे आदत बन गया। सोचा क्यों न इसमें ही अपना भाग्य अजमाया जाए। तब से लेकर आज तक हर मंच में हास्य कलाकार के रूप में दर्शकों का काफी प्यार, दुलार और आशीर्वाद मिल रहा है।उन्होंने जानकारी दिया कि परिवार में कोई भी कलाकार नहीं है वह एक अपवाद के रूप में है जो उनके लिए ईश्वरीय देन है। छत्तीसगढ़ महतारी के लिए फिल्मों में आप क्या विशेष करते है जिससे छत्तीसगढ़ की गरिमा बनी रही पर कहा कि सबसे पहले अश्लीलता का प्रवेश फिल्मों में हम नहीं करते जो मूल चीजें है उसे ही दर्शानें का प्रयास करते हैं, अनर्गल बातें नहीं परोसते। ऐसे कार्यक्रम का समावेश करते है जिसे परिवार में बैठकर लोग एक साथ देख सके। उन्होंने नये कलाकारों से कहा कि छत्तीसगढ़ की महिमा का बखान करते हुए यह रामचंद्र की माता कौशिल्या की जन्मभूमि है। कलाकार खूब मेहनत करे छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी फिल्मों का स्कोप है।