टैक्स फ्री हो छत्तीसगढ़ी रंगों से सजी फिल्म – विजय मिश्रा

छत्तीसगढ़ सिनेजगत के इतिहास में फिल्म ‘ले चलहूं अपन दूवारी’ ने अमिट छाप छोड़ने में कामयाबी पाई है।छत्तीसगढ़ के अधिकांश शहरों के थियटर में प्रदर्शित  इस फिल्म के गीत संगीत, कहानी, कलाकार, निर्देशन, छायांकन ने हर वर्ग के मन को मोहित कर दिया है। फिल्म के प्रमुख किरदार श्री विजय मिश्रा ‘अमित’ ने कहा कि यह पारिवारिक, देशप्रेम और दया मया संस्कृति से लबरेज फिल्म है। इसमें लेखक कास्टिन साहू, डायरेक्टर मृत्युंजय सिंह और डीओपी आरूषि बागेश्वरी ने कमाल का तालमेल बनाया है। सभी कलाकार छत्तीसगढ़ के हैं और अभिनय में खूब मंजे हुए हुए है।

अक्षय वर्मा,साहिब दास मानिकपुरी,शील वर्मा,पूजा शर्मा,नरेंद्र दावड़ा,जया भगवानी,जय कसेर,सुमित्रा साहू,उषा खोबरागड़े, प्रकाश वर्मा आदि के अभिनय ने फिल्म को मसालेदार बनाकर उत्कर्ष पर पहुंचा दिया है।गायक गायिका मोनिका वर्मा, सिद्धांत निराला, तुषार सोलंकी ने अपनी मीठी आवाज से ताजगी का रस घोल दिया है।

फिल्म की कहानी के बारे श्री विजय मिश्रा ने बताया दो गांवों की रूढ़िवादी सोच से कट्टर दुश्मनी बन जाती है।जिसका खामियाजा दोनों गांववासी भोग रहे हैं।एक गांव का युवा फौजी इस खानदानी दुश्मनी को तोड़ने के प्रयास में दूसरे गांव की लड़की से प्यार करने लगता है। अंततः प्रेम की ताकत के बल पर दुश्मनी को तोड़के दोस्ती में बदलने में युवा फौजी और गांव के युवा सफल हो जाते हैं,पर अंत में एक हृदयविदारक घटना घट जाती है।जिसे देखकर दर्शक काठ के पुतले की तरह बंधेके बंधे रह जाते हैं।

सोलह आना छत्तीसगढ़ी रंगों में सजी पूरी फिल्म दर्शकों को अंत तक बांधे रखने में कामयाब होती है।
हर छत्तीसगढ़िया को यह फिल्म देखना ही चाहिए। राज्य सरकार इसे टैक्स फ्री करके यूवाओं को देश सेवा और देशप्रेम का प्रभावी संदेश दे सकती है। कसडोल के किसान देवनारायण साहू,उत्तरा साहू इसके निर्माता हैं। प्रदेश के सिने जगत में ‘ले चलहूं अपन दूवारी’ नया करने की चाह जगाती है.राह बताती है।